Bank Reconciliation Statement
जब कोई व्यापारी बैंक मे खाता खोलता है तो बैंक से उसे पासबुक मिलता है और व्यापारी द्वारा बैंक से कोई भी लेन-दन करने पर बैंक उसकी प्रविस्तियां पासबुक में करता रहता है। दूसरे तरफ बड़े -बड़े व्यापारियों द्वारा बैंक में अपने शेष का जानकारी रखने के उद्देश्य से रोकड़ बही रखता है और बैंक से कोई भी लेन-देन करने पर व्यापारी उसकी प्रविस्ति रोकड़ बही में करता रहता है।
कई ऐसे कारण हो जाते हैं जिसके फलस्वरूप रोकड़ वही के शेष मे तथा पासबुक के शेष मे अंतर हो जाता है इन ही अंतर को दूर करने के लिए एक निश्चित तिथि को एक विवरण पत्र बनाया जाता है जिसे ही हम बैंक समाधान विवरण कहते हैं ।
प्रश्न बनाने के लिए रोकड़ वही के शेष तथा पासबुक के शेष मे से किसी एक का शेष दिया रहता है तथा दूसरे का शेष ज्ञात किया जाता है ।
बैंक समाधान विवरण बनाने के लिए निम्नलिखित नियमों को याद रखें -
Cash book के Balance रहने पर
Add:
(1)Cheque issued but not presented for payment
धनादेश निर्गमित किया लेकिन उसे भुगतान के लिए प्रस्तुत नही किया गया ।
(2)Interest allowed by the bank but not entered in cash book.
बैंक ने ब्याज दिया किन्तु उसकी प्रविस्ति रोकड़ वही मे नही की गयी ।
(3)Interest and divided received by the bank but not entered in cash book
बैंक ने ब्याज और लाभांश पाया किन्तु उसकी प्रविस्ति रोकड़ वही मे नही क गई ।
(4)B/R collected by the bank but not entered in cash book.
बिल का भुगतान बैंक ने पाया किन्तु उसकी प्रविस्ति रोकड़ वही मे नही की गयी ।
(5)A customer direct deposited in to the bank but not entered in cash book.
एक ग्राहक द्वारा सीधे बैंक मे रूपया जमा किया गया लेकिन उसकी प्रविस्ति रोकड़ वही मे नही की गयी
Less:
(1)Cheque deposited in to the bank but not collected.
चैक बैंक मे जमा की गयी लेकिन वह जमा नही हुआ
(2)Bill or cheque sent to bank but return dishonor.
बिल या चैक बैंक भेजा गया लेकिन वह अप्रतिष्ठित हो गया ।
(3)Bank charge and interest.
बैंक खर्च और ब्याज
(4)Insurance premium paid by the bank but not entered in cash book.
बैंक ने बीमा प्रीमियम चुकाया लेकिन उसकी प्रविस्ति रोकड़ वही मे नही की गयी।
कुछ अन्य सहायक शब्द
(1)यदि बैंक ने गलति से कोई प्रविस्तियाँ नम कर लिया है तो पासबुक के बैलेंस रहने पर Add किया जायेगा और कैसबुक के बैलेंस रहने पर Less किया जायेगा ।(2)यदि बैंक ने गलती से पासबुक में जमा कर लिया है तो कैसबुक के बैलेंस रहने पर Add किया जायेगा और पासबुक के बैलंस रहने पर Less किया जायेगा ।
(3)यदि कैसबुक का बैलंस दिया हुआ है और कैसबुक में कोई इंट्री नही हुआ है तो उसे Add किया जायेगा और पासबुक मे नही हुआ तो Less किया जायेगा ।
(4)यदि पासबुक का बैलेंस दिया हुआ है और पासबुक म् कोई इंट्री नही हुआ तो उसे Add किया जायेगा और कैसबुक मे नही हुआ तो Less किया जायेगा ।
(5)यदि प्रश्न में रोकड़ वही के अनुसार नाम शेष दिया हुआ है तो इसका आशय Balance as per cash book माना जायेगा इसके विपरीत प्रश्न में यदि रोकड़ वही के अनुसार जमा शेष दिया हुआ है तो Overdraft as per cash book माना जाएगा ।
(6)यदि प्रश्न में पासबुक के अनुसार जमा शेष दिया हुआ है तो Balance as per pass book माना जाएगा इसके विपरीत प्रश्न में यदि पासबुक के अनुसार नाम शेष दिया हुआ है तो Overdraft as per pass book माना जाएगा ।
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