लेखांकन समीकरण
लेखांकन समीकरण से आशय है व्यापार के सम्पत्तियों की दायित्वों एवं पूँजी की समानता से होता है अर्थात हम कह सकते हैं की लेखांकन समीकरण का आशय है व्यापार की कुल परिसम्पतियों का योग स्वामी के पूँजी तथा देयताओ के योग के बराबर होता है।
सम्पूर्ण व्यबसायिक लेन-देन का अभिलेख लेखांकन समीकरण पर ही आधारित होते हैं ।लेखांकन समीकरण लेखांकन की द्विपक्षीय अवधारणा पर आधारित होते हैं द्विपक्षीय अवधारणा का आशय है प्रत्येक व्यबसायिक लेन-देनो मे दो पक्ष होते हैं एक पक्ष को डेबिट तथा दूसरे पक्ष को क्रेडिट कहा जाता है ये व्यबहार ही एक ओर सम्पत्तियों को प्रभावित करता है तो दूसरी ओर सम्पत्तियों के विरूध्द पूँजी एवं दायित्व को प्रभावित करते हैं ।जिसके परिणाम स्वरूप ही आर्थिक चिठ्ठा (Balance Sheet ) के दोनों भागों का योग बराबर होते हैं ।
इसे आर्थिक चिठ्ठा समीकरण भी कहा जाता हैं ।
लेखांकन समीकरण निम्न सूत्र से निकाला जाता है-
Assets = Liabilities
Assets = Capital + Liabilities
0 टिप्पणियाँ