गोल्डन रूल्स क्या है इस का क्या काम है रोजनामचा मे कैसे इस का यूज किया जाता है Golden Rules इस को क्यो कहा जाता है । आइये जानते है विस्तार से इस पोस्ट मे तो आप इस पोस्ट के अंत तक हमारे साथ बने रहे । आप यदि अकाउंट के छात्र है तो आप डेबिट और क्रेडिट का नाम जरूर सुना होगा । इन्ही दोनो शब्दो से अकाउंट की दुनिया चलती है और यह प्रायः अकाउंट की बुक के हर पेज मे आप को मिलेगा । जब हम किसी लेन-देन को रोजनामचा मे प्रविष्टि करते है तो एक पक्ष को नाम किया जाता है तथा दूसरे पक्ष को जमा किया जाता है तो नाम और जमा करने के लिए जिस नियम का प्रयोग किया जाता है उस नियम को हम गोल्डन रूल्स कहते हैं । नाम को अंग्रेजी मे हम Debit तथा जमा को Credit कहते हैं ।इसी नियम से अकाउंट का शुरुआत और अंत होता है अतः इस नियम को गोल्डन रूल्स की संज्ञा दी गयी है । आज का जमाना कम्प्यूटराइज्ड है और ढेर सारे अकाउंटिंग के सॉफ्टवेयर बनाए गए है उसी मे एक टैली(Tally) भी है । टैली को अच्छे से समझना गोल्डन रूल्स के बिना मुश्किल है ।
Golden Rules
Golden Rules In English
1.) Debit the receiver and credit the giver
2) Debit what comes in and credit what goes out
3.) Debit all expenses and losses and credit all income and gains
Golden Rules In Hindi
(1) पाने वाले को नाम करना है तथा देने वाले को जमा करना है
(2 ) अर्थात जो वस्तु आता है उसे नाम करना है तथा जो वस्तु जाता है उसे जमा करना है
(3)अर्थात सभी प्रकार के व्यय एवं हानि को नाम करना है तथा आम लाभ आमदनी को जमा करना है
Must Read
अकाउंटिंग वर्ड्स ऐण्ड मिनिंग इन हिन्दी
जर्नल क्या है ? पूरी जानकारी
खाता बही क्या है ? यह कैसे बनाया जाता है ।
टलपट (Trial Balance) कैसे बनाते हैं ?
बैंक समाधान विवरण क्या है ? यह कैसे तैयार किया जाता हैं
अंतिम लेखा(Final Account) की पूरी जानकारी
ह्रास (Depreciation) क्या है ? ह्रास के लिए कौन कौन से जर्नल इंट्री किए जाते हैं ?
विनिमय बिल या विपत्र (Bills Of Exchange )
अकाउंट का जनक (Father of Account) कौन है?
जर्नल की प्रक्रिया या अवस्था( process or steps involved in journalising)
वाणिज्य की परिभाषा(Definition Of Commerce)
गोल्डन रूल्स का जर्नल मे कैसे यूज किया जाता है इस को समझने से पहले हमे डेबिट, क्रेडिट और खाता को समझना पड़ेगा तभी हम सही इंट्री कर पाएंगे गोल्डन रूल्स की मदद से
डेबिट(Debit) : डेबिट शब्द लैटिन भाषा के 'Debitum' शब्द से बना है , इस का अर्थ होता है - "उसके लिए देय" (Due for that) । इसे हिन्दी मे नाम या विकलन कहा जाता है ।
क्रेडिट(Credit) : क्रेडिट शब्द लैटिन भाषा के creder शब्द से बना है , इसका अर्थ होता है - "उसको देय" (Due to that) । इसे हिन्दी मे जमा या 'समाकलन' कहा जाता है ।
खाता(Account) :- किसी एक व्यक्ति या वस्तु या आय तथा व्यय आदि की मद से सम्बन्धित एक अवधि विशेष के समस्त लेन-देनो को एक स्थान पर लिखने को ही खाता कहते हैं ।
खाता तीन प्रकार के होते हैं -
(1)व्यक्तिगत खाता(Personal Account )
(2)वास्तविक खाता(Real Account ) और
(3)नाममात्र खाता(Nominal Account )
व्यक्तिगत खाता(Personal Account) : व्यक्तियो, फर्मो,निगमों , संस्थाओं तथा कम्पनियों से संबंधित खाते व्यक्तिगत खाते कहलाते हैं , जैसे - मोहन का खाता ,पब्लिक फैन्सी वस्त्रालय का खाता, दास एण्ड ब्रदर्स का खाता ,बिहार आयरन एण्ड स्टील कम्पनी का खाता,रामप्रसाद एण्ड सन्स का खाता,भारतीय खाद्य निगम का खाता,बैंक का खाता,बीमा कम्पनी का खाता आदी । व्यक्ति की स्थिति देनदार अथवा लेनदार की हो सकती है । पाने वाले तथा देने वाले व्यक्तियो के खाते व्यक्तिगत खाते होते हैं ।
(2) वास्तविक खाता (Real Account)— ऐसे खाते जो किसी वस्तु, सम्पत्ति या अधिकारों से सम्बन्धित हों, वास्तविक खाते कहलाते हैं; जैसे—रोकड़, माल, फर्नीचर, यन्त्र, रहतिया (Stock), भूमि, भवन, ट्रेड मार्क,पेटेण्टस, ख्याति आदि
(3) अवास्तविक खाता या नाममात्र खाता (Nominal Account) - अवास्तविक खाते को नाममात्र या आय-व्यय खाता भी कहा जाता है। ये खाते व्यापार के व्ययों एवं आयों अथवा लाभ-हानि से सम्बन्ध रखते है; जैसे—मजदूरी, वेतन, किराया, कमीशन, बट्टा, अप्राप्य ऋण, ब्याज आदि। इन्हें सिर्फ अनुभव किया जा सकता है, देखा या छुआ नहीं जा सकता है। ये अवास्तविक या काल्पनिक होते हैं।
हमने लेखांकन के सुनहरे नियम को समझ लिया है साथ ही खाते को भी अच्छी तरह समझ लिया है अब हम छोटा सा टेबल के माध्यम से समझते है कि किस खाते को डेबिट और किस खाते को क्रेडिट किया जायेगा और कौन सा रूल्स लागू होगा कौन से खाते के लिए
Account Type | Debit | Credit | As |
For Personal Account | पानेवले को नाम करे | देनेवाले को जमा करे | राम,श्याम, मोहन,बैंक |
For Real Account | व्यापार मे जो वस्तु आता है उसे नाम करें | व्यापार से जो वस्तु जाता है उसे जमा करे | पेन,बुक,मशीन, फर्नीचर |
For Nominal Account | सभी प्रकार के व्यय और हानि को नाम करे | लाभ आमदनी को जमा करे | वेतन, मजदूरी,किराया |
Video For Better Understanding
गोल्डन रूल्स के सभी पहलुओ को बेहतर ढंग से समझने के लिए विडियो जरूर देखें इस से आप को अच्छी तरह समझ आयेगी और आप खाते को डेबिट और क्रेडिट करने मे बेहतर परफॉर्म कर पाएंगे
जर्नल इंट्री करने के लिए हमने सभी जानकारी प्राप्त कर ली है । अब हम बारी बारी से जर्नल के सभी नियमो का यूज कर जर्नल इंट्री करना सीखेंगे
Journal Entries Example For First Rules
Personal Account के लिए रूल्स - पानेवाले को नाम करना है तथा देने वाले को जमा करना है
Example
निम्नलिखित लेन-देनो का जर्नल मे लेखा कीजिए :
2013
1 जुलाई श्याम से माल क्रय किया - 4000
2 जुलाई संजीव को माल बेचा - 6000
3 जुलाई अमर को नकद माल बेचा -2000
4 जुलाई बैंक मे रूपया जमा किया -5000
5 जुलाई बी को नकद दिये - 1000
6 जुलाई गणेशजी से नकद पाया - 1500
7 जुलाई समरेश को माल लौटाया - 500
8 जुलाई मैसर्स दीपक मशीनरी से 20000 रूपया मे मशीन खरीदा
9 जुलाई बैंक एकाउण्ट खोला एवं जमा किया - रुपया 5000
10 जुलाई निजी खर्च हेतु बैंक से निकाला 300
Solution
Journal entries
Date |
Particular |
L.F. |
Dr. Amount |
Cr. Amount |
2013 July 1 |
Purchase Account Dr. To shyam's Account (Being Goods purchased from shyam) |
|
4000 |
4000 |
July 2 |
Sanjeev's Account Dr. To Sales Account (Being Goods sold to sanjeev) |
|
40000 |
4000 |
July 3 |
Amar's Account Dr. To Cash Account (Being Cash paid to Amar) |
|
2000 |
2000 |
July 4 |
Bank Account Dr. To Cash Account |
|
5000 |
5000 |
July 5 |
B's Account Dr. To Cash Account |
|
1000 |
1000 |
July 6 |
Cash Account Dr. To Ganeshjee's Account |
|
1500 |
1500 |
July 7 |
Samresh Account Dr. To Purchase Return Account |
|
500 |
500 |
July 8 |
Machinery Account Dr. To M/S Deepak Machinery Account |
|
20000 |
20000 |
July 9 |
Bank Account Dr. To Cash Account (Being opened Bank account and deposited) |
|
5000 |
5000 |
July 10 |
Drawings Account Dr. To Bank Account |
|
300 |
300 |
|
Total Of Journal |
RS. |
43300 |
43300 |
Journal Entries Example For Second Rules
Rules For Real Account
Rules: जो वस्तु आता है उसे नाम करना है तथा जो वस्तु जाता है उसे जमा करना है
निम्नलिखित लेन-देनो का जर्नल कीजिए :
2013
16 मार्च नकद रूपया से व्यापार चालू किया - 100000
17 मार्च फर्नीचर खरीदा - 2000
18 मार्च नकद माल बेचा - 10000
19 मार्च फर्नीचर 1000 रूपया का और टाइपराइटर 2000 का खरीदा
20 मार्च 30000 रूपया मे नकद मशीन खरीदा
21 मार्च राजलक्ष्मी ड्रेसेज से माल खरीदा और चैक द्वारा भुगतान किया - 10000
22 मार्च माल खरीदा - 3000
23 मार्च व्यवसाय प्रारंभ किया - रोकड़ से - 20000
माल से - 10000
मशीनरी से - 15000
24 मार्च राम से उधार माल खरीदा - 4000
25 मार्च मोहन को नकद भुगतान दिया - 500
Solution
Journal Entries
Date |
Particular |
L.F. |
Dr. Amount |
Cr. Amount |
2013 March 16 |
Cash Account Dr. To Capital Account (Being business started with cash) |
|
100000 |
100000 |
March 17 |
Furniture Account Dr. To Cash Account (Being furniture purchased) |
|
2000 |
2000 |
March 18 |
Cash Account Dr. To Sales Account (Being Goods sold for cash) |
|
10000 |
10000 |
March 19 |
Furniture Account Dr. Typewriter Account Dr. To Cash Account (Being furniture and Typewriter purchased) |
|
1000 2000 |
30000 |
March 20 |
Machinery Account Dr. To Cash Account (Being Machinery purchased for cash) |
|
30000 |
30000 |
March 21 |
Purchase Account Dr. To Bank Account (Being Goods purchased and payment by cheque) |
|
10000 |
10000 |
March 22 |
Goods Account Dr. To Cash Account (Being Goods purchased for cash) |
|
3000 |
3000 |
March 23 |
Cash Account Dr. Goods Account Dr. Machinery Account Dr. To Capital Account (Being business started with cash, Goods and machinery) |
|
20000 10000 15000 |
45000 |
March 24 |
Purchase Account Dr. To Ram's Account (Being Goods purchased from Ram on credit) |
|
4000 |
4000 |
March 25 |
Mohan Account Dr. To Cash Account (Being Cash paid to Mohan ) |
|
500 |
500 |
|
Total Of Journal |
RS. |
180500 |
180500 |
Journal Entries Example For Third Rules
Rules For Nominal Account
Rules : सभी प्रकार के व्यय एवं हानि को नाम करना है तथा आम लाभ आमदनी को जमा करना है ।
निम्नलिखित लेन-देनो का जर्नल कीजिए :
2013
1 जून वेतन का भुगतान किया - 6000
2 जून कमिशन पाया 600
3 जून विविध व्यय का भुगतान किया - 300
4 जून मजदूरी दिया - 1200
5 जून राम को रूपया दिया -2900
उनसे छूट मिला -100
6 जून किराया पाया - 200
7 जून कर्मचारी द्वारा 2000 रूपया का माल चोरी कर लिया गया
8 जून मशीन पर 10% की दर से ह्रास की व्यव्स्था करे जिसका मूल्य एक लाख रूपए हैं ।
9 जून मुफ्त नमून के रूप मे माल दिया - 1000
10 जून अधिकार शुल्क का भुगतान किया - 4000
Solution
Journal Entries
Date |
Particular |
L.F. |
Dr. Amount |
Cr. Amount |
2013 June 1 |
Salary Account Dr. To Cash Account (Being salary paid) |
|
6000 |
6000 |
June 2 |
Cash Account Dr. To Commission Account (Being Commission received) |
|
600 |
600 |
June 3 |
Sundry Expenses Account Dr. To Cash Account (Being sundry expense paid) |
|
300 |
300 |
June 4 |
Wages Account Dr. To Cash Account (Being Wages paid) |
|
1200 |
1200 |
June 5 |
Ram's Account Dr. To Cash Account To Discount Account (Being Cash paid to ram and discount received) |
|
3000 |
2900 100 |
June 6 |
Cash Account Dr. To Rent Account (Being Rent received) |
|
200 |
200 |
June 7 |
Loss by thief Account Dr. To Purchase Account (Being Goods stolen by employees) |
|
2000 |
2000 |
June 8 |
Depreciation Account Dr. To Cash Account (Being depreciation charge on machinery) |
|
10000 |
10000 |
June 9 |
Free Sample Account Dr. To Purchase Account (Being Goods given for free sample) |
|
1000 |
1000 |
June 10 |
Royalty Account Dr. To Cash Account (Being royalty paid) |
|
4000 |
4000 |
|
Total Of Journal |
RS. |
28300 |
28300 |
FAQ'S
Q1. Accounting के Golden Rule क्या है?
ANS. गोल्डन रूल 3 के अनुसार, सभी खर्चों और हानियों को डेबिट करें, सभी लाभ और लाभ को क्रेडिट करें। यदि किसी कंपनी को नुकसान होता है या खर्च होता है, तो पुस्तकों में संबंधित आइटम डेबिट होता है। यदि व्यवसाय लाभ कमाता है या सेवाओं की पेशकश करके आय प्राप्त करता है तो पुस्तक में प्रविष्टि को क्रेडिट के रूप में दिखाया गया है।
Q2. खाता बही कितने प्रकार के होते है?
ANS. खाते तीन प्रकार के होते हैं।
Q3. लेखांकन क्या है लेखांकन के नियम लिखिए?
ANS. लेखांकन सिद्धान्त बोर्ड की परिभाषा के अनुसार लेखांकन एक सेवा कार्य है। इसका उद्देश्य व्यावसायिक क्रियाओं के बारे में परिमाणात्मक वित्तीय सूचनाएं उपलब्ध कराना है। लेखांकन के अन्तिम उत्पाद अर्थात् वित्तीय विवरण (लाभ-हानि खाता व चिट्ठा) उनके लिए उपयोगी है जो वैकल्पिक कार्यों के बारे में निर्णय लेते हैं।
Q4. टैली में पर्सनल अकाउंट कैसे बनाएं?
ANS. Tally ERP 9 में बैंक एंट्री को पंजीकृत करने के लिए टैली का उपयोग किया जाता है। ईआरपी 9 एंटरप्राइज रिसोर्स का संक्षिप्त नाम है। चरण 1: बैंक खातों के तहत एक लेजर बनाएं और इसे सेव करें। चरण 2: अकाउंटिंग वाउचर मेनू पर जाएं और फिर चुनें कि आप बैंक खाते के माध्यम से किस प्रकार का वाउचर संचारित या ट्रांसमीट करना चाहते हैं।
Q5. टैली में 3 खाते कौन से हैं?
ANS. लेखांकन में विभिन्न प्रकार के खाते वास्तविक, व्यक्तिगत और नाममात्र खाते हैं।
Q6. रियल अकाउंट क्या होता है?
ANS. नाममात्र खाते लाभ या लाभ, हानि, व्यय और आय का प्रतिनिधित्व करते हैं। व्यक्तिगत खातों के रूप में वर्गीकृत खातों में आम तौर पर एक विशेष लेनदेन में लाभ या हानि होती है जो अंततः यह तय करने में मदद करती है कि कंपनी ने लाभ अर्जित किया है या नुकसान का सामना करना पड़ा है।
Q7. खाते के 3 प्रकार क्या हैं?
ANS. खाते के 3 प्रकार निम्न है - (1) व्यक्तिगत खाता (2) वास्तविक खाता और (3) नाममात्र खाता
Q8. डेबिट और क्रेडिट के नियम क्या हैं?
ANS. डेबिट और क्रेडिट के निम्नलिखित नियम हैं जो खातों की प्रणाली का मार्गदर्शन करते हैं, उन्हें अकाउंटेंसी के सुनहरे नियमों के रूप में जाना जाता है: पहला: जो आता है उसे डेबिट करें, जो बाहर जाता है उसे क्रेडिट करें। दूसरा: सभी खर्चों और हानियों को डेबिट करें, सभी आय और लाभों को क्रेडिट करें। तीसरा: प्राप्तकर्ता को डेबिट करें, देने वाले को क्रेडिट करें ।
Q9. नाम और जमा क्या है?
ANS. प्रत्येक लेनदेन में नामे (डेबिट) और जमा (क्रेडिट) दोनों होते हैं और हर लेनदेन के लिए दोनों को बराबर होना चाहिए। नामे (डेबिट्स) बायीं ओर होते हैं और नामे खाते में वृद्धि करते हैं एवं एक जमा खाता को कम करते हैं। जमा (क्रेडिट्स) दाहिनी ओर होते हैं और जमा खाते में वृद्धि करते हैं एवं एक नामे खाते में कमी लाते हैं।
Q10. लेखांकन का आधुनिक एवं स्वर्णिम नियम क्या है?
ANS. लेखांकन के तीन सुनहरे नियम भी डेबिट और क्रेडिट के इर्द-गिर्द घूमते हैं। लेखांकन के तीन केंद्रीय नियमों पर एक नज़र डालें: प्राप्तकर्ता को डेबिट करें और देने वाले को क्रेडिट करें । जो आता है उसे डेबिट करें और जो बाहर जाता है उसे क्रेडिट करें । डेबिट व्यय और हानि, और क्रेडिट आय और लाभ ।
निष्कर्ष (Conclusion)
इस लेख मे हमने अकाउंटिंग गोल्डन रूल्स के सभी पहलुओ पर चर्चा किया है । सभी रूल्स को एक-एक कर अर्थ , परिभाषा , परिचय, प्रकार और उदाहरण सहित विस्तार से व्याख्या किया है साथ ही इसमे हमने एफएक्यू को भी जोड़ा है जो लोग अक्सर इंटर्नेट पर खोजते रहते हैं । फिर भी अगर इस मे कोई कमी रह गई हो तो आप हमे अवगत कराये उसे हम दूर करने का प्रयास करेंगे। हमे आपके टिप्पणी का इंतजार रहेगा । आशा करता हूँ यह पोस्ट आप को पसंद आया होगा । अपनी शिकायत या सुझाव कमेंट बॉक्स मे जरूर बताए।
एक टिप्पणी भेजें
0टिप्पणियाँ