गोल्डन रूल्स को समझो हर जर्नल इंट्री पास होगा चुटकियों मे | Accounting Golden Rules In Hindi

MUKESH CHOUDHARY
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गोल्डन रूल्स क्या है इस का क्या काम है  रोजनामचा मे कैसे इस का यूज किया जाता है Golden Rules इस को क्यो कहा जाता है । आइये जानते है विस्तार से इस पोस्ट मे  तो आप इस पोस्ट के अंत तक हमारे साथ बने रहे । आप यदि अकाउंट के छात्र है तो आप डेबिट और क्रेडिट का नाम जरूर सुना होगा । इन्ही दोनो शब्दो से अकाउंट की दुनिया चलती है और यह प्रायः अकाउंट की बुक के हर पेज मे आप को मिलेगा । जब हम किसी लेन-देन को रोजनामचा मे प्रविष्टि करते है तो एक पक्ष को नाम किया जाता है तथा दूसरे पक्ष को जमा किया जाता है  तो नाम और जमा करने के लिए जिस नियम का प्रयोग किया जाता है उस नियम को हम गोल्डन रूल्स कहते हैं । नाम को अंग्रेजी मे हम Debit तथा जमा को Credit कहते हैं ।इसी नियम से अकाउंट का शुरुआत और अंत होता है अतः इस नियम को गोल्डन रूल्स की संज्ञा दी गयी है । आज का जमाना कम्प्यूटराइज्ड है और ढेर सारे अकाउंटिंग के सॉफ्टवेयर बनाए गए है उसी मे एक टैली(Tally) भी है  । टैली को  अच्छे से समझना गोल्डन रूल्स के बिना मुश्किल है । 



    Golden Rules 

    Golden Rules In English

    1.) Debit the receiver and credit the giver
    2) Debit what comes in and credit what goes out
    3.) Debit all expenses and losses and credit all income and gains 



    Golden Rules In Hindi 


    (1) पाने वाले को नाम करना है तथा देने वाले को जमा करना है 
     (2 ) अर्थात जो वस्तु आता है उसे नाम करना है तथा जो वस्तु जाता है उसे जमा करना है 
    (3)अर्थात सभी प्रकार के व्यय एवं हानि को नाम करना है तथा आम लाभ आमदनी को जमा करना है 






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    गोल्डन रूल्स का जर्नल मे कैसे यूज किया जाता है इस को समझने से पहले हमे डेबिट, क्रेडिट और खाता को समझना पड़ेगा तभी हम सही इंट्री कर पाएंगे गोल्डन रूल्स की मदद से 

    Meaning Of Debit and Credit in hindi 


    Debit 

    डेबिट(Debit) : डेबिट शब्द लैटिन भाषा के 'Debitum' शब्द से बना है , इस का अर्थ होता है - "उसके लिए देय" (Due for that) । इसे हिन्दी मे नाम या विकलन कहा जाता है ।

    Credit 

    क्रेडिट(Credit) : क्रेडिट शब्द लैटिन भाषा के creder शब्द से बना है  , इसका अर्थ होता है - "उसको देय" (Due to that) । इसे हिन्दी मे जमा या 'समाकलन' कहा जाता है  । 


    खाता(Account) 

    खाता(Account)  :-   किसी एक व्यक्ति या वस्तु या आय तथा व्यय आदि की मद से सम्बन्धित एक अवधि विशेष के समस्त लेन-देनो को  एक स्थान पर लिखने को ही खाता कहते हैं ।


    खाता तीन प्रकार के होते हैं -

    (1)व्यक्तिगत खाता(Personal Account )

    (2)वास्तविक खाता(Real Account ) और 

    (3)नाममात्र खाता(Nominal Account )


    व्यक्तिगत खाता(Personal Account) : व्यक्तियो, फर्मो,निगमों , संस्थाओं तथा कम्पनियों से संबंधित खाते व्यक्तिगत खाते कहलाते हैं , जैसे - मोहन का खाता ,पब्लिक फैन्सी वस्त्रालय का खाता, दास एण्ड ब्रदर्स का खाता ,बिहार आयरन एण्ड स्टील कम्पनी का खाता,रामप्रसाद एण्ड सन्स का खाता,भारतीय खाद्य निगम का खाता,बैंक का खाता,बीमा कम्पनी का खाता आदी । 

    व्यक्ति की स्थिति देनदार अथवा लेनदार की हो सकती है । पाने वाले तथा देने वाले व्यक्तियो के खाते व्यक्तिगत खाते होते हैं । 



    (2) वास्तविक खाता (Real Account)— ऐसे खाते जो किसी वस्तु, सम्पत्ति या अधिकारों से सम्बन्धित हों, वास्तविक खाते कहलाते हैं; जैसे—रोकड़, माल, फर्नीचर, यन्त्र, रहतिया (Stock), भूमि, भवन, ट्रेड मार्क,पेटेण्टस, ख्याति आदि 


    (3) अवास्तविक खाता या नाममात्र खाता (Nominal Account) - अवास्तविक खाते को नाममात्र या आय-व्यय खाता भी कहा जाता है। ये खाते व्यापार के व्ययों एवं आयों अथवा लाभ-हानि से सम्बन्ध रखते है; जैसे—मजदूरी, वेतन, किराया, कमीशन, बट्टा, अप्राप्य ऋण, ब्याज आदि। इन्हें सिर्फ अनुभव किया जा सकता है, देखा या छुआ नहीं जा सकता है। ये अवास्तविक या काल्पनिक होते हैं।


    हमने लेखांकन के सुनहरे नियम को समझ लिया है साथ ही खाते को भी अच्छी तरह समझ लिया है  अब हम छोटा सा टेबल के माध्यम से समझते है कि किस खाते को डेबिट और किस खाते को  क्रेडिट किया जायेगा और कौन सा रूल्स लागू होगा कौन से खाते के लिए 

    Account Type Debit Credit As
    For Personal Account  पानेवले को नाम करे  देनेवाले को जमा करे राम,श्याम, मोहन,बैंक 
    For Real Account  व्यापार मे जो वस्तु आता है उसे नाम करें  व्यापार से जो वस्तु जाता है उसे जमा करे पेन,बुक,मशीन, फर्नीचर 
    For Nominal Account  सभी प्रकार के व्यय और हानि को नाम करे लाभ आमदनी को जमा करे वेतन, मजदूरी,किराया



    Video For Better Understanding 


    गोल्डन रूल्स के सभी पहलुओ को बेहतर ढंग से समझने के लिए विडियो जरूर देखें इस से आप को अच्छी तरह समझ आयेगी और आप खाते को डेबिट और क्रेडिट करने मे बेहतर परफॉर्म कर पाएंगे 



    जर्नल इंट्री करने के लिए हमने सभी जानकारी प्राप्त कर ली है । अब हम बारी बारी से जर्नल के सभी नियमो का यूज कर जर्नल इंट्री करना सीखेंगे


    Journal Entries Example For First Rules 


     Personal Account के लिए रूल्स - पानेवाले को नाम करना है तथा देने वाले को जमा करना है 

    Example 



    निम्नलिखित लेन-देनो का जर्नल मे लेखा कीजिए : 
    2013
    1 जुलाई  श्याम से माल क्रय किया  - 4000
    2 जुलाई संजीव को माल बेचा - 6000
    3 जुलाई अमर को नकद माल बेचा -2000
    4 जुलाई बैंक मे रूपया जमा किया -5000
    5 जुलाई बी को नकद दिये - 1000
    6 जुलाई गणेशजी से नकद पाया - 1500
    7 जुलाई समरेश को माल लौटाया - 500
    8 जुलाई मैसर्स दीपक मशीनरी से 20000 रूपया मे मशीन खरीदा 
    9 जुलाई बैंक एकाउण्ट खोला एवं जमा किया - रुपया 5000
    10 जुलाई  निजी खर्च हेतु बैंक से निकाला    300 

    Solution 

    Journal entries 



    Date Particular L.F. Dr.
    Amount
    Cr.
    Amount
    2013 July 1 Purchase Account    Dr.
       To shyam's Account
    (Being Goods purchased from shyam)

    4000
    4000
    July 2 Sanjeev's Account   Dr. 
        To Sales Account
    (Being Goods sold to sanjeev)

    40000
    4000
    July 3 Amar's Account    Dr.
       To Cash Account 
    (Being Cash paid to Amar)

    2000
    2000
    July 4 Bank Account    Dr. 
       To Cash Account 

    5000
    5000
    July 5 B's Account   Dr. 
        To Cash Account 

    1000
    1000
    July 6 Cash Account    Dr. 
       To Ganeshjee's Account 

    1500
    1500
    July 7 Samresh Account  Dr. 
       To Purchase Return Account 

    500
    500
    July 8 Machinery Account  Dr. 
       To M/S Deepak Machinery Account 

    20000
    20000
    July 9 Bank Account Dr. 
       To Cash Account 
    (Being opened Bank account and deposited)

    5000
    5000
    July 10 Drawings Account     Dr. 
        To Bank Account 

    300
    300

    Total Of Journal  RS. 43300 43300


    Journal Entries Example For Second Rules 


    Rules For Real Account 


    Rules: जो वस्तु आता है उसे नाम करना है तथा जो वस्तु जाता है उसे जमा करना है 

    निम्नलिखित लेन-देनो का जर्नल  कीजिए : 
    2013
    16 मार्च नकद रूपया से व्यापार चालू किया  - 100000
    17 मार्च फर्नीचर खरीदा - 2000
    18 मार्च नकद माल बेचा - 10000 
    19 मार्च फर्नीचर 1000 रूपया का और टाइपराइटर 2000 का खरीदा 
    20 मार्च 30000 रूपया मे नकद मशीन खरीदा 
    21 मार्च राजलक्ष्मी ड्रेसेज से माल खरीदा और चैक द्वारा भुगतान किया - 10000
    22 मार्च  माल खरीदा - 3000 
    23 मार्च व्यवसाय प्रारंभ किया - रोकड़ से   - 20000
                                                माल से    - 10000
                                                मशीनरी से - 15000
    24 मार्च  राम से उधार माल खरीदा - 4000
    25 मार्च  मोहन को नकद भुगतान दिया - 500

    Solution 

    Journal Entries 



    Date Particular L.F. Dr. Amount Cr. Amount
    2013
    March 16
    Cash Account Dr. 
         To Capital Account 
    (Being business started with cash)

    100000
    100000
    March 17 Furniture Account   Dr. 
       To Cash Account 
    (Being furniture purchased)

    2000
    2000
    March 18 Cash Account   Dr. 
       To Sales Account 
    (Being Goods sold for cash)

    10000
    10000
    March 19 Furniture Account   Dr. 
    Typewriter Account   Dr. 
        To Cash Account 
    (Being furniture and Typewriter purchased)

    1000
    2000



    30000
    March 20 Machinery Account    Dr.
        To Cash Account 
    (Being Machinery purchased for cash)

    30000
    30000
    March 21 Purchase Account   Dr.
       To Bank Account 
    (Being Goods purchased and payment by cheque)

    10000
    10000
    March 22 Goods Account   Dr. 
       To Cash Account 
    (Being Goods purchased for cash)

    3000
    3000
    March 23 Cash Account  Dr.
    Goods Account   Dr.
    Machinery Account   Dr.
       To Capital Account 
    (Being business started with cash, Goods and machinery)

    20000
    10000
    15000




    45000
    March 24 Purchase Account Dr.
       To Ram's Account 
    (Being Goods purchased from Ram on credit)

    4000
    4000
    March 25 Mohan Account Dr. 
       To Cash Account 
    (Being Cash paid to Mohan ) 

    500
    500

    Total Of Journal  RS. 180500 180500

    Journal Entries Example For Third Rules 


    Rules For Nominal Account 


    Rules : सभी प्रकार के व्यय एवं हानि को नाम करना है तथा आम लाभ आमदनी को जमा करना है । 


    निम्नलिखित लेन-देनो का जर्नल  कीजिए : 
    2013
    1 जून वेतन का भुगतान किया - 6000
    2 जून कमिशन पाया 600
    3 जून विविध व्यय का भुगतान किया - 300 
    4 जून  मजदूरी दिया - 1200
    5 जून राम को रूपया दिया -2900
           उनसे छूट मिला -100
    6 जून किराया पाया - 200
    7 जून कर्मचारी द्वारा 2000 रूपया का माल चोरी कर लिया गया
    8 जून मशीन पर 10% की दर से ह्रास की व्यव्स्था करे जिसका मूल्य एक लाख रूपए हैं । 
    9 जून मुफ्त नमून के रूप मे माल दिया - 1000
    10 जून अधिकार शुल्क का भुगतान किया - 4000

    Solution 

    Journal Entries 

    Date Particular L.F. Dr. Amount Cr. Amount
    2013
    June 1
    Salary Account    Dr.
        To Cash Account 
    (Being salary paid)

    6000
    6000
    June 2  Cash Account     Dr. 
       To Commission Account 
    (Being Commission received)

    600
    600
    June 3  Sundry Expenses Account Dr.
        To Cash Account 
    (Being sundry expense paid)

    300
    300
    June 4 Wages Account    Dr.
       To Cash Account 
    (Being Wages paid)

    1200
    1200
    June 5 Ram's Account   Dr.
       To Cash Account 
       To Discount Account 
    (Being Cash paid to ram and discount received)

    3000

    2900
    100
    June 6 Cash Account   Dr. 
       To Rent Account 
    (Being Rent received)

    200
    200
    June 7 Loss by thief Account   Dr. 
        To Purchase Account 
    (Being Goods stolen by employees)

    2000
    2000
    June 8 Depreciation Account    Dr. 
       To Cash Account 
    (Being depreciation charge on machinery)

    10000
    10000
    June 9 Free Sample Account Dr. 
       To Purchase Account 
    (Being Goods given for free sample)

    1000
    1000
    June 10 Royalty Account   Dr. 
        To Cash Account 
    (Being royalty paid)

    4000
    4000

    Total Of Journal  RS.  28300 28300






    FAQ'S

    Q1. Accounting के Golden Rule क्या है?
    ANS. गोल्डन रूल 3 के अनुसार, सभी खर्चों और हानियों को डेबिट करें, सभी लाभ और लाभ को क्रेडिट करें यदि किसी कंपनी को नुकसान होता है या खर्च होता है, तो पुस्तकों में संबंधित आइटम डेबिट होता है। यदि व्यवसाय लाभ कमाता है या सेवाओं की पेशकश करके आय प्राप्त करता है तो पुस्तक में प्रविष्टि को क्रेडिट के रूप में दिखाया गया है।

    Q2. खाता बही कितने प्रकार के होते है?
    ANS. खाते तीन प्रकार के होते हैं।

    Q3. लेखांकन क्या है लेखांकन के नियम लिखिए?
    ANS. लेखांकन सिद्धान्त बोर्ड की परिभाषा के अनुसार लेखांकन एक सेवा कार्य है। इसका उद्देश्य व्यावसायिक क्रियाओं के बारे में परिमाणात्मक वित्तीय सूचनाएं उपलब्ध कराना है। लेखांकन के अन्तिम उत्पाद अर्थात् वित्तीय विवरण (लाभ-हानि खाता व चिट्ठा) उनके लिए उपयोगी है जो वैकल्पिक कार्यों के बारे में निर्णय लेते हैं।

    Q4. टैली में पर्सनल अकाउंट कैसे बनाएं?
    ANS. Tally ERP 9 में बैंक एंट्री को पंजीकृत करने के लिए टैली का उपयोग किया जाता है। ईआरपी 9 एंटरप्राइज रिसोर्स का संक्षिप्त नाम है। चरण 1: बैंक खातों के तहत एक लेजर बनाएं और इसे सेव करें। चरण 2: अकाउंटिंग वाउचर मेनू पर जाएं और फिर चुनें कि आप बैंक खाते के माध्यम से किस प्रकार का वाउचर संचारित या ट्रांसमीट करना चाहते हैं

    Q5. टैली में 3 खाते कौन से हैं?
    ANS. लेखांकन में विभिन्न प्रकार के खाते वास्तविक, व्यक्तिगत और नाममात्र खाते हैं।

    Q6. रियल अकाउंट क्या होता है?
    ANS. नाममात्र खाते लाभ या लाभ, हानि, व्यय और आय का प्रतिनिधित्व करते हैं। व्यक्तिगत खातों के रूप में वर्गीकृत खातों में आम तौर पर एक विशेष लेनदेन में लाभ या हानि होती है जो अंततः यह तय करने में मदद करती है कि कंपनी ने लाभ अर्जित किया है या नुकसान का सामना करना पड़ा है।

    Q7. खाते के 3 प्रकार क्या हैं?
    ANS. खाते के 3 प्रकार निम्न है - (1) व्यक्तिगत खाता (2) वास्तविक खाता और (3) नाममात्र खाता 

    Q8. डेबिट और क्रेडिट के नियम क्या हैं?
    ANS. डेबिट और क्रेडिट के निम्नलिखित नियम हैं जो खातों की प्रणाली का मार्गदर्शन करते हैं, उन्हें अकाउंटेंसी के सुनहरे नियमों के रूप में जाना जाता है: पहला: जो आता है उसे डेबिट करें, जो बाहर जाता है उसे क्रेडिट करें। दूसरा: सभी खर्चों और हानियों को डेबिट करें, सभी आय और लाभों को क्रेडिट करें। तीसरा: प्राप्तकर्ता को डेबिट करें, देने वाले को क्रेडिट करें ।

    Q9. नाम और जमा क्या है?
    ANS. प्रत्येक लेनदेन में नामे (डेबिट) और जमा (क्रेडिट) दोनों होते हैं और हर लेनदेन के लिए दोनों को बराबर होना चाहि। नामे (डेबिट्स) बायीं ओर होते हैं और नामे खाते में वृद्धि करते हैं एवं एक जमा खाता को कम करते हैं। जमा (क्रेडिट्स) दाहिनी ओर होते हैं और जमा खाते में वृद्धि करते हैं एवं एक नामे खाते में कमी लाते हैं।

    Q10. लेखांकन का आधुनिक एवं स्वर्णिम नियम क्या है?
    ANS. लेखांकन के तीन सुनहरे नियम भी डेबिट और क्रेडिट के इर्द-गिर्द घूमते हैं। लेखांकन के तीन केंद्रीय नियमों पर एक नज़र डालें: प्राप्तकर्ता को डेबिट करें और देने वाले को क्रेडिट करें । जो आता है उसे डेबिट करें और जो बाहर जाता है उसे क्रेडिट करें । डेबिट व्यय और हानि, और क्रेडिट आय और लाभ ।



     निष्कर्ष (Conclusion)

    इस लेख मे हमने अकाउंटिंग गोल्डन रूल्स के सभी पहलुओ पर चर्चा किया है । सभी रूल्स को एक-एक कर अर्थ , परिभाषा , परिचय,  प्रकार और उदाहरण सहित विस्तार से व्याख्या किया है  साथ ही इसमे हमने एफएक्यू को भी जोड़ा है जो लोग अक्सर इंटर्नेट पर खोजते रहते हैं । फिर भी अगर इस मे कोई कमी रह गई हो तो आप हमे अवगत कराये उसे हम दूर करने का प्रयास करेंगे।  हमे आपके टिप्पणी का इंतजार रहेगा । आशा करता हूँ यह पोस्ट आप को पसंद आया होगा  । अपनी शिकायत या सुझाव कमेंट बॉक्स मे जरूर बताए।  

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