अधिकार शुल्क
Royalty (अधिकार शुल्क):जब एक व्यक्ति या संस्था किसी दूसरे व्यक्तियों या संस्था के किसी सम्पतियो या कोई विशोषाधिकार को इस उद्देशीय से लेता हैं कि उस उद्देश्य की पुर्त हो जाने के बाद सम्पतियो के मालिक को सम्पतिया या विशेषाधिकार लौटा देगा और सम्पतियाँ या विशेषाधिकार के उपभोग के फलस्वरूप प्रतिवर्ष मालिक को जो रकम भुगतान किया जाएगा , उसे ही हम Royalty कहते हैं ।
Royalty व्यबसाय में दो पक्ष होते हैं :-
(1)पट्टेदार(Lessee)
(2)पट्टादाता(Landlord)
पट्टेदार(Lessee): पट्टेदार उन व्यक्तियो या संस्था को कहा जाता है जो किसी दूसरे व्यक्तियों या संस्था का सम्पतियाँ या विशेषाधिकार प्राप्त करता है ।
पट्टादाता(Landlord) : पट्टादाता उन व्यक्तियो या संस्था को कहा जाता है जो अपना सम्पतियाँ या विशेषाधिकार किसी दूसरे व्यक्तियों या संस्था को देता है ।
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Royalty Account |
Journal entries in the books of Lessee
जिस वर्ष Royalty के रकम से न्यूनतम किराया की राशि अधिक होता है अर्थात घाटे वाले वर्ष में
(a) Royalty का रकम बकाया के लिए
Royalty A/C Dr.
Shortworkings A/C Dr.
To Landlord A/C
(Being amount of royalty and Shortworking due)
(b)Royalty का रकम भुगतान करते समय
Landlord A/C Dr.
To Bank A/c
(Being amount paid to landlord)
(c) Royalty के रकम को P/L Account में Transfer करते समय
P/L A/C Dr.
To Royalty A/c
(Being amount of royalty transfer to P/L account)
जिस वर्ष Royalty का रकम minimum rent से अधिक रहता है अर्थात surplus वाले वर्ष मे
(a) Royalty का रकम बकाया के लिए
Royalty A/c Dr.
To Landlord A/c
(Being amount of royalty due)
(b) Royalty का रकम भुगतान करते समय
Landlord A/c Dr.
To Bank A/c
To shortworking A/c
(Being amount paid to landlord and shortworking recouped )
Note : shortworking को तभी credit किया जायेगा जब surplus मे recouped होता रहेगा
(c)Royalty के रकम को P/L Account मे transfer करते समय
P/L Account Dr.
To Royalty A/c
(Being amount of royalty transferred to P/L account )
जिसमें वर्ष Royalty का रकम Minimum Rent की राशि के बराबर होता हैं अर्थात बराबर वाले वर्ष मैं
(a) Royalty का रकम बकाया के लिए
Royalty A/C Dr.
TO Landlord A/C
(Being Amount of Royalty due. )
(b) Royalty का रकम भुगतान करते समय Landlord A/C Dr.
To Bank A/C
(Being Amount paid to landlord. )
(c)Royalty के रकम को P/L A/C मैं Transfer करते समय
P/L A/C Dr.
To Royalty A/C
(Being Amount of Royalty transfer to P/L A/C.)
जिस वर्ष shortworking का रकम P/L A/C मैं transfer होगा
P/L A/C Dr.
To Shortworking A/C
(Being amount of shortworking transferred to P/L account )
यदि प्रश्न मे Minimum Rent का कहता है खाता खोलने के लिए तो केवल घाटे वाले वर्ष मे खोला जायेगा
घाटे वाले वर्ष मे प्रथम जर्नल के स्थान पर दो जर्नल इंट्री किया जाता है
इस प्रकार Minimum Rent का खाता खोलने पर घाटे वाले वर्ष मे कुल चार जर्नल इंट्री किया जायेगा
(1) Minimum Rent A/C Dr.
To Landlord A/C
(Being minimum rent due)
(2) Royalty A/C Dr.
Shortworkings A/C Dr.
TO Minimum Rent A/C
(Being amount of royalty and shortworking due)
(3)Landlord A/C Dr.
To Bank A/C
(Being amount paid to landlord )
(4) P/L A/C Dr.
To Royalty A/C
(Being amount of royalty transferred to P/L account )
सरकार द्वारा वित्तीय सहायता देने पर
Government A/C Dr.
To Shortworking A/C
(Being shortworking due)
Bank A/C Dr.
To Government A/C
(Being amount received from government)
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Royalty |
यदि प्रश्न मे Shortworking Reserve का खाता खोलने के लिए कहता है तो घाटे वाले वर्ष मे
P/L Account Dr.
To Shortworking Reserve A/C
(Being amount of shortworking reserve transferred to P/L account )
नाफा वाले वर्ष मे घाटा को recouped करने पर
Shortworking Reserve A/c Dr.
To P/L Account
(Being transfer of recouped shortworking transferred to P/L account )
जिस वर्ष Shortworking के रकम को P/L Account मे transfer किया जाता है उस वर्ष P/L Account के स्थान पर Shortworking Reserve होगा
Shortworking Reserve A/C Dr.
To shortworking A/C
(Being amount of shortworking transferred to shortworking reserve account )
Analytical Table
Date | Output | Royalty | Minimum Rent | Shortworking | Surplus | Shortworking Recouped | Shortworking not Recouped transferred to P/L Account | Amount paid to Landlord |
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