Depreciation(ह्रास)
जब किसी स्थायी सम्पत्तियो का व्यापार में प्रयोग होता है जिसके फलस्वरूप सम्पत्तियों के मूल्य मे घिसावत होता है ,उसे ही हम ह्रास कहते हैं ।
यह एक प्रकार का व्यापारिक हानि माना जाता है ।
(1)सम्पत्ति क्रय करते समय
Assets A/c Dr.
To Cash A/c
(Being assets purchased for cash )
(2)सम्पत्ति उधार खरीदने पर
Assets A/c Dr.
To Vendors/Creditors A/c
(Being assets purchased from vendors on credit )
(3)सम्पत्ति पर ह्रास होने पर
Depreciation A/c Dr.
To Assets A/c
(Being depreciation charged on assets )
(4)सम्पत्तियो को बेचने पर
Cash A/c Dr.
To Assets A/c
(Being assets sold for cash )
(5)सम्पत्तियो के विक्रय पर लाभ होने पर
Assets A/c Dr.
To P/L A/c
(Being profit on assets )
(6)हानि होने पर
P/L Account Dr.
To Assets A/c
(Being loss on assets )
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